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अजय कुमार झा


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व्यंग्य बाण —खबरों की खबर

Posted On: 18 Jan, 2015  
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Others लोकल टिकेट हास्य व्यंग में

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पीके …….अब क्यूं बैठे मुंह ..सी के

Posted On: 11 Jan, 2015  
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Others social issues न्यूज़ बर्थ में

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पंच लाइन >वन लाइनर व्यंग्य बाण

Posted On: 28 May, 2014  
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Hindi News social issues न्यूज़ बर्थ में

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बच्चों के प्रति क्रूर होता समाज

Posted On: 14 Jan, 2014  
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Others social issues लोकल टिकेट में

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लोकतंत्र का पकौडा

Posted On: 22 Sep, 2013  
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Others social issues लोकल टिकेट हास्य व्यंग में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: kavita1980 kavita1980

महानगरों में बच्चों को बंधक मजदूरी , भिक्षावृत्ति , तथा अन्य शोषणों से लगातार त्रस्त होना पड रहा है और सरकार तथा कुछ स्व्यं सेवी संस्थाओं के लगातार प्रयासों के बावजूद भी \स्थिति निरंतर बिगडती ही जा रही है । पिछले दिनों तो गरीब बच्चों का अपहरण करके उनकी हत्या के बाद मानव अंगों के व्यापार हेतु उनका प्रयोग किए जाने जैसी अमानवीय और घिनौनी घटनाएं भी सामने आई हैं । आश्चर्य व दुख इस बात का है सरकार ने अब तक इन नौनिहाल मासूमों की सुरक्षा व संरक्षण हेतु कोई ठोस नीति या योजना न तो बनाई है और न ही कोई प्रयास किया है । महज़ आंकडों की बाजीगरी और कागज़ी कोशिशों के सहारे ही प्रशासन अपने प्रयास गिनाने में लगा रहता है । इनके लिए संस्थाएं हैं लेकिन वो संस्थाएं सिर्फ अपनी तनख्वाह और सरकारी सुविधा पाने के लिए ही कभी कभी काम करती हैं और वो भी तब जब मीडिया का साथ होता है जिससे इनकी रिपोर्ट को बल मिल सके ! ऐसे एक नहीं हजारों बच्चे हैं अजय जी !

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: Rajesh Kumar Srivastav Rajesh Kumar Srivastav




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